Google Chrome निजता नोटिस
पिछला बदलाव: 24 अक्टूबर, 2018
जब आप अपने कंप्यूटर या मोबाइल डिवाइस, Chrome OS पर Google Chrome ब्राउज़र का इस्तेमाल करते हैं, और जब आप Chrome में सुरक्षित ब्राउज़िंग चालू करते हैं तब जो जानकारी सेव, स्टोर, और शेयर की जाती है उस पर नियंत्रण करने का तरीका सीखें. हालांकि यह नीति Chrome के लिए खास सुविधाओं का ब्यौरा देती है, Google को दी जाने वाली या आपके Google खाते में सेव की जाने वाली जानकारी का इस्तेमाल और उसकी सुरक्षा Google निजता नीति के मुताबिक की जाएगी, जिसे समय-समय पर बदला जाता है. Google की निजी डेटा के रखरखाव की नीति ब्यौरा देती है कि Google डेटा को किस तरीके से और क्यों रखता है.
अगर आप अपने Chromebook पर Google Play ऐप्लिकेशन्लिेकेशन चालू करते हैं, तो Google Play या Android ऑपरेटिंग सिस्टम जिस जानकारी का संग्रह करते हैं उसका नियंत्रण Google Play सेवा की शर्तों और Google निजता नीति के तहत किया जाएगा. इस नोटिस में जहां प्रासंगिक हो वहां Chrome के लिए खास जानकारी दी गई है.
निजता नोटिस के बारे में जानकारी
इस निजता नोटिस में, हम "Chrome" शब्द का इस्तेमाल ऊपर सूचीबद्ध Chrome परिवार के सभी उत्पादों को बताने के लिए करते हैं. अगर उत्पादों के बीच हमारी नीति में कोई अंतर हो, तो हम उनके बारे में बताएंगे. हम समय-समय पर इस निजता नोटिस में बदलाव करते हैं.
Chrome के "बीटा," "डेव" या "कैनरी" वर्शन में आप Chrome में अभी बन रही नई सुविधाएं आज़माकर देख सकते हैं. यह निजता नोटिस Chrome के सभी वर्शन पर लागू है, लेकिन हो सकता है कि वह अभी बन रही सुविधाओं के लिए अप टू डेट न हो.
अपनी निजता प्राथमिकताओं का प्रबंधन करने से जुड़े सिलसिलेवार निर्देशों के लिए, Chrome के निजता नियंत्रणों की यह खास जानकारी पढ़ें.
विषय सूची:
- ब्राउज़र मोड
- Chrome में उपयोगकर्ताओं को प्रबंधित करना
- सुरक्षित ब्राउज़िंग के तरीके
- ऐप्लिकेशन, एक्सटेंशन, थीम, सेवाओं, और दूसरे ऐड-ऑन के इस्तेमाल की निजता लागू करने की प्रक्रियाएं
- ज़्यादा जानकारी
ब्राउज़र मोड
आपको Chrome का इस्तेमाल करने के लिए कोई भी निजी जानकारी देने की ज़रूरत नहीं है, लेकिन Chrome में ऐसे अलग-अलग मोड हैं जिनका इस्तेमाल आप अपने ब्राउज़िंग अनुभव को बदलने या बेहतर बनाने के लिए कर सकते हैं.
बुनियादी ब्राउज़र मोड
मूल ब्राउज़र मोड आपके सिस्टम पर स्थानीय रूप से जानकारी को सेव करता है. इस जानकारी में यह शामिल हो सकता है:
-
ब्राउज़िंग इतिहास की जानकारी. उदाहरण के लिए, Chrome उन पेजों के यूआरएल जिन पर आप जाते हैं, टेक्स्ट का कैश, इमेज और उन पेजों के दूसरे संसाधनों को सेव करता है, और, अगर नेटवर्क कार्रवाई पूर्वानुमान सुविधा चालू की गई है, तो उन पेजों से लिंक किए गए कुछ आईपी पतों की एक सूची सेव करता है.
-
व्यक्तिगत जानकारी और पासवर्ड, ताकि आपको फ़ॉर्म भरने या उन साइट में साइन इन करने में मदद मिले जिन पर आप जाते हैं.
-
आपने वेबसाइटों को जो अनुमतियां दी हैं उनकी सूची.
-
उन पेजों के थंबनेल के आकार वाले स्क्रीनशॉट जिन पर आप अक्सर जाते हैं.
-
कुकी या उन वेबसाइटों का डेटा जिन पर आप जाते हैं.
-
ऐड-ऑन के ज़रिए सेव किया गया डेटा.
-
आपने वेबसाइट से जो सामग्री डाउनलोड की है उसका रिकॉर्ड.
आप इस जानकारी को कई तरीकों से प्रबंधित कर सकते हैं:
-
आप कुकी और साइट डेटा डायलॉग से सेव किए गए ब्राउज़िंग डेटा को प्रबंधित कर सकते हैं या उसे मिटा सकते हैं.
-
आप Chrome को कुकी मंज़ूर करने से रोक सकते हैं. ज़्यादा जानें.
-
आप Chrome सेटिंग में सेव किए गए पासवर्ड की समीक्षा कर सकते हैं. ज़्यादा जानें.
-
आप अपनी सेव की गई ऑटोमैटिक भरने की सुविधा की जानकारी देख सकते हैं और उसे प्रबंधित कर सकते हैं. ज़्यादा जानें.
Chrome जो निजी जानकारी सेव करता है, वह तब तक Google को नहीं भेजी जाएगी जब तक कि आप 'Chrome सिंक' को चालू करके उस डेटा को अपने Google खाते में सेव करने का विकल्प नहीं चुनते हैं. ज़्यादा जानें.
Chrome आपकी जानकारी किस तरह प्रबंधित करता है
वेबसाइट ऑपरेटर के लिए जानकारी. आप Chrome का इस्तेमाल करके जिन साइटाेें पर जाते हैं उन्हें सामान्य लॉग जानकारी मिलेगी, जिसमें आपके सिस्टम का आईपी पता और कुकी या मिलती-जुलती तकनीकों का डेटा शामिल होगा. आम तौर पर, आप Gmail जैसी Google सेवाएं एक्सेस करने के लिए Chrome का इस्तेमाल करते हैं, इससे Google को आपके बारे में व्यक्तिगत रूप से पहचान करने वाली कोई भी जानकारी अलग से नहीं मिलती. Google वेबसाइटों और ऑप्ट इन करने वाली दूसरी वेबसाइटों पर, अगर Chrome को ऐसे इशारे मिलते हैं कि नेटवर्क पर कोई है जो आप पर सक्रिय रूप से हमला कर रहा है ( "मैन इन द मिडिल अटैक"), तो Chrome उस कनेक्शन से जुड़ी जानकारी Google को या आपकी देखी गई वेबसाइट को भेज सकता है जिससे हमले की सीमा और हमले के काम करने का तरीका पता किया जा सके. Google भाग लेने वाले वेबसाइट मालिकों को अपनी साइटों पर होने वाले हमलों की रिपोर्ट भेजता है.
पहले से रेंडरिंग. तेज़ी से वेब पेज लोड करने के लिए, Chrome में एक सेटिंग है जो किसी वेब पेज पर लिंक के आईपी पतों को खोज सकती है और नेटवर्क कनेक्शन खोल सकती है. साइटें और Android ऐप्लिकेशन ब्राउज़र को उन पेजों को पहले से लोड करने के लिए कह सकती हैं जिन पर आप अगली बार जा सकते हैं. Android ऐप्लिकेशन के पहले से लोड करने के अनुरोधों का नियंत्रण वही सेटिंग करती है जो Chrome-से चालू किए गए पूर्वानुमानों की सेटिंग करती है. अगर पहले से रेंडरिंग का अनुरोध किया गया है, चाहे Chrome या किसी साइट या ऐप्लिकेशन से, तो पहले से लोड की गई साइट को अपनी ख़ुद की कुकी सेट करने और पढ़ने की मंज़ूरी उसी तरह होती है जैसे आप उस पर गए थे, भले ही आप आखिर में पहले से रेंडर किए गए पेज पर न जाएं. ज़्यादा जानें.
जगह की जानकारी. भौगोलिक तौर पर ज़्यादा प्रासंगिक जानकारी पाने के लिए, Chrome आपको किसी साइट से अपनी जगह की जानकारी शेयर करने का विकल्प देता है. Chrome किसी साइट को आपकी अनुमति के बिना आपकी जगह की जानकारी एक्सेस नहीं करने देगा; हालांकि, मोबाइल डिवाइस पर, अगर Chrome ऐप्लिकेशन को आपकी जगह की जानकारी एक्सेस करने की अनुमति मिली हुई है और आपने संबंधित वेबसाइट के लिए भौगोलिक स्थान को ब्लॉक नहीं किया है, तो Chrome आपकी जगह की जानकारी आपके डिफ़ॉल्ट सर्च इंजन के साथ अपने आप शेयर करेगा. आपकी जगह का अंदाज़ा लगाने के लिए, Chrome, Google की जगह की जानकारी देने वाली सेवाओं का इस्तेमाल करता है. Chrome, Google की जगह की जानकारी देने वाली सेवाओं को जाे जानकारी भेजता है उनमें ये चीज़ें शामिल हो सकती हैं:
- आपके सबसे पास वाले वाई-फ़ाई राउटर
- आपके सबसे नज़दीक मौजूद सेल टॉवर के सेल आईडी
- आपके वाई-फ़ाई या सेल सिग्नल की शक्ति
- आपके डिवाइस को फ़िलहाल असाइन किया गया आईपी पता
Google का तीसरे पक्ष की वेबसाइट या उनकी निजता लागू करने की प्रक्रियाओं पर नियंत्रण नहीं होता, इसलिए किसी वेबसाइट के साथ अपना स्थान शेयर करते समय सावधानी बरतें.
अपडेट. Chrome अपडेट देखने, कनेक्टिविटी स्थिति पाने, मौजूदा समय की पुष्टि करने और सक्रिय उपयोगकर्ताओं की संख्या का अंदाज़ा लगाने के लिए समय-समय पर Google को जानकारी भेजता है.
खोज सुविधाएं. अगर Google आपका डिफ़ॉल्ट सर्च इंजन है, तो आपके खोज शुरू करने या नेटवर्क बदलने पर Chrome, Google से संपर्क करता है, ताकि आपको सर्च क्वेरी भेजने के लिए सबसे अच्छा स्थानीय वेब पता मिल सके. अगर आपने किसी Google साइट में साइन इन किया हुआ है और Google आपका डिफ़ॉल्ट सर्च इंजन है, तो आप Chrome के पता बार का इस्तेमाल करके जो खोजें करते हैं, वे आपके Google खाते में सेव हो जाती हैं.
खोज पूर्वानुमान सेवा. ज़्यादा तेज़ी से जानकारी ढूंढने में आपकी मदद करने के लिए, Chrome आपके डिफ़ॉल्ट खोज इंजन की पूर्वानुमान सेवा का इस्तेमाल करता है ताकि आपके लिखे जा रहे लेख को पूरा करने वाले संभावित सुझाव दिए जा सकें. जब आप Chrome में पता बार का इस्तेमाल करके खोज करते हैं, तो आपके लिखे जाने वाले वर्ण (भले ही आपने अभी "enter" नहीं दबाया हो) आपके डिफ़ॉल्ट खोज इंजन को भेज दिए जाते हैं. अगर Google आपका डिफ़ॉल्ट खोज इंजन है, तो आपके खुद के खोज इतिहास, आप जो लिख रहे हैं उससे जुड़े विषय और दूसरे लोग क्या-क्या खोज रहे हैं जैसी चीज़ों के आधार पर पूर्वानुमान दिए जाते हैं. ज़्यादा जानें. पूर्वानुमान आपके ब्राउज़िंग इतिहास पर भी आधारित हो सकते हैं. ज़्यादा जानें.
नेविगेट करने से जुड़ी सहायता. जब आप किसी वेब पेज से कनेक्ट नहीं कर पाते हैं, तो आपको उसी पेज से मिलते-जुलते दूसरे पेजों के सुझाव मिल सकते हैं जिस तक आप पहुँचना चाहते हैं. आपको सुझाव देने के लिए, Google पर वह यूआरएल खोजें जिस तक आप पहुँचना चाहते हैं.
अपने आप भरने की सुविधा (ऑटो फ़िल) और पासवर्ड प्रबंधन. Chrome आपको मिलने वाले वेब फ़ॉर्म के बारे में Google को सीमित, अनाम जानकारी भेजता है, जिसमें वेब पेज का हैश किया गया यूआरएल और फ़ॉर्म की संरचना का ब्यौरा शामिल होता है, ताकि हम अपनी 'अपने आप भरने की सुविधा (ऑटो फ़िल)' और 'पासवर्ड प्रबंधन' की सेवाओं को बेहतर बना सकें.
भुगतान. अगर आपने Chrome सिंक चालू किया हुआ है और आपने अपने Google पेमेंट्स खाते में भुगतान कार्ड सेव किए हुए हैं, तो फिर Chrome आपको उन कार्ड को वेब फ़ॉर्म में भरने का विकल्प देगा. साथ ही, अगर आप किसी वेब फ़ॉर्म में किसी नए भुगतान कार्ड की जानकारी डालते हैं, तो Chrome आपके भुगतान कार्ड और उससे जुड़ी बिलिंग जानकारी को आपके Google पेमेंट्स खाते पर सेव करने की पेशकश करेगा. अगर आप अपने Google पेमेंट्स खाते के भुगतान कार्ड का इस्तेमाल करते हैं या बाद में इस्तेमाल के लिए अपने Google पेमेंट्स खाते में अपना भुगतान कार्ड सेव करना चुनते हैं, तो Chrome आपके कंप्यूटर के बारे में जानकारी इकट्ठी करेगा और धोखाधड़ी से आपकी सुरक्षा करने और सेवा देने के लिए उसे Google Pay के साथ शेयर करेगा. अगर व्यापारी इसकी सुविधा देता है तो Chrome भी आपको Google Pay का इस्तेमाल करके भुगतान करने देगा.
भाषा. आप जिन भाषाओं में पढ़ना पसंद करते हैं उनके आधार पर आपके ब्राउज़िंग अनुभव को आपकी पसंद के मुताबिक बनाने के लिए, आप जिन साइटों पर जाते हैं, Chrome उनकी सबसे लोकप्रिय भाषाओं की संख्या अपने पास रखेगा. Chrome में आपके अनुभव को आपकी पसंद के मुताबिक बनाने के लिए, भाषा की पसंद की यह जानकारी Google को भेजी जाएगी. अगर आपने 'Chrome सिंक' चालू किया हुआ है, तो इस भाषा प्रोफ़ाइल को आपके Google खाते से जोड़ दिया जाएगा. इसके साथ ही, अगर आप अपनी Google वेब और ऐप्लिकेशन गतिविधि में Chrome का इतिहास शामिल करते हैं, तो उसका इस्तेमाल दूसरे Google उत्पादों में आपके अनुभव को आपके मनमुताबिक बनाने के लिए किया जा सकता है. गतिविधि नियंत्रण देखें.
Android पर वेब ऐप्लिकेशन. Android डिवाइस पर, अगर आप किसी ऐसी वेबसाइट के लिए "होम स्क्रीन में जोड़ें" चुनते हैं, जिसे मोबाइल डिवाइस पर तेज़ और भरोसेमंद परफ़ॉर्मेंस के लिए ऑप्टिमाइज़ किया गया है, फिर Chrome किसी Google सर्वर का इस्तेमाल करके आपके डिवाइस पर उस वेबसाइट के लिए एक स्थानीय Android पैकेज बनाएगा. Android पैकेज की मदद से आप वेब ऐप्लिकेशन से उसी तरह इंटरैक्ट कर सकते हैं, जिस तरह आप किसी Android ऐप्लिकेशन के साथ करते. उदाहरण के लिए, वेब ऐप्लिकेशन आपकी इंस्टॉल किए हुए ऐप्लिकेशन की सूची में दिखाई देगा. ज़्यादा जानें
इस्तेमाल के आंकड़े और बंद होने की रिपोर्ट. डिफ़ॉल्ट रूप से, इस्तेमाल के आंकड़े और बंद होने की रिपोर्ट Google को भेजे जाते हैं ताकि हमारे उत्पादों को बेहतर बनाने में हमें मदद मिले. इस्तेमाल के आंकड़ों में प्राथमिकताएं, बटन क्लिक और मेमोरी का इस्तेमाल जैसी जानकारी होती है. आम तौर पर, इस्तेमाल के आंकड़ों में वेब पेज यूआरएल या व्यक्तिगत जानकारी शामिल नहीं होती, लेकिन, अगर आप Chrome में साइन इन हैं और अपने Google खाते में सिंक करने के लंबे पासवर्ड के बिना अपना ब्राउज़िंग इतिहास सिंक कर रहे हैं, तो फिर Chrome इस्तेमाल के आंकड़े में आपके देखे गए वेब पेजों और उनके इस्तेमाल के बारे में जानकारी शामिल होती है. उदाहरण के लिए, हम ऐसे पेजों की पहचान करने के लिए आंकड़े इकट्ठे कर सकते हैं जो धीरे लोड होते हैं. हम इस जानकारी का इस्तेमाल हमारे उत्पादों और सेवाओं को बेहतर बनाने, और वेब डेवलपर को उनके पेजों में सुधार करने की खास जानकारी देने के लिए करते हैं. बंद होने की रिपोर्ट में खराब होने के समय पर सिस्टम की जानकारी होती है, और वेब पेज यूआरएल या व्यक्तिगत जानकारी शामिल हो सकती है, जो इस पर आधारित होती है कि बंद होने की रिपोर्ट ट्रिगर होने के समय क्या हो रहा था. हम इकट्ठी की गई, गैर-व्यक्तिगत रूप से पहचाने जाने लायक जानकारी को सार्वजनिक रूप से या पार्टनर के साथ शेयर कर सकते हैं — जैसे प्रकाशक, विज्ञापनदाता या वेब डेवलपर. आप किसी भी समय सेटिंग बदल सकते हैं कि इस्तेमाल के आंकड़े और बंद होने की रिपोर्ट Google को भेजी जाती हैं या नहीं. ज़्यादा जानें. अगर आपकी Chromebook पर Google Play ऐप्लिकेशन चालू किए गए हैं और Chrome इस्तेमाल के आंकड़े चालू किए गए हैं, फिर Android निदान और इस्तेमाल के आंकड़े भी Google को भेजे जाते हैं.
मीडिया लाइसेंस. अनधिकृत एक्सेस और कॉपी करने के खिलाफ़ सुरक्षा देने के लिए, कुछ वेबसाइटें मीडिया को सुरक्षित (एनक्रिप्ट) कर देती हैं. HTML5 साइटों के लिए, यह अहम लेन-देन 'सुरक्षित किए गए मीडिया एक्सटेंशन API (एपीआई)' के इस्तेमाल से किया जाता है. इस मीडिया का एक्सेस देने की प्रक्रिया में, सत्र पहचानकर्ता और लाइसेंस स्थानीय रूप से सेव किए जा सकते हैं. ब्राउज़िंग डेटा हटाना का इस्तेमाल करके "मीडिया लाइसेंस" चालू रखकर, उपयोगकर्ता Chrome में इन पहचानकर्ताओं को हटा सकता है. Adobe Flash Access का इस्तेमाल करने वाली साइटों के लिए, Chrome सामग्री पार्टनर और वेबसाइटों को एक खास पहचानकर्ता देगा. पहचानकर्ता को आपके सिस्टम पर सेव किया जाता है. आप सामग्री सेटिंग, सुरक्षित सामग्री में सेटिंग में जाकर यह एक्सेस देने से मना कर सकते हैं और ब्राउज़िंग डेट हटाना का इस्तेमाल करके "मीडिया लाइसेंस" चालू रखकर आईडी को रीसेट कर सकते हैं. अगर आप Android पर Chrome में सुरक्षित सामग्री एक्सेस करते हैं या Chrome OS पर ज़्यादा अच्छी क्वालिटी वाली या ऑफ़लाइन सामग्री एक्सेस करते हैं, तो सामग्री देने वाला, डिवाइस की योग्यता की पुष्टि करने के लिए Chrome से एक प्रमाणपत्र मांग सकता है. आपका डिवाइस वेबसाइट के साथ एक खास साइट पहचानकर्ता शेयर करेगा कि उसकी क्रिप्टोग्राफ़िक कुंजियां Chrome हार्डवेयर के ज़रिए सुरक्षित की गई हैं. Chrome आपको इस पुष्टि करने वाली जाँच को मंज़ूरी देने या मना करने का संकेत करेगा. ज़्यादा जानें.
दूसरी Google सेवाएं. यह नोटिस उन Google सेवाओं का वर्णन देता है जो Chrome में डिफ़ॉल्ट रूप से चालू की जाती हैं. साथ ही, Chrome दूसरी Google वेब सेवाओं की पेशकश भी कर सकता है. उदाहरण के लिए, अगर आपको कोई दूसरी भाषा का पेज मिलता है, तो Chrome अनुवाद के लिए टेक्स्ट को Google को भेजने की पेशकश करेगा. जब आप पहली बार इन सेवाओं का इस्तेमाल करेंगे तो आपको उन्हें नियंत्रित करने के विकल्पों की सूचना दी जाएगी. आपको Chrome निजता श्वेतपत्र में ज़्यादा जानकारी मिल सकती है.
Chrome में पहचानकर्ता
Chrome में, सुविधाओं और काम करने वाली सेवाओं को चलाते रहने के लिए ज़रूरी कई खास और सामान्य पहचानकर्ता शामिल होते हैं. उदाहरण के लिए, अगर आप पुश मैसेज का इस्तेमाल करते हैं, तो एक पहचानकर्ता बनाया जाता है ताकि आपको नोटिस डिलीवर किया जा सके. जहां मुमकिन हो, वहां हम सामान्य पहचानकर्ताओं का इस्तेमाल करते हैं और जब उनकी ज़रूरत न हो तो पहचानकर्ताओं को हटा देते हैं. साथ ही, ये पहचानकर्ता Chrome को विकसित करने, वितरित करने, और उसका प्रचार करने में हमारी मदद करते हैं, लेकिन सीधे Chrome सुविधा से जुड़े हुए नहीं हैं.
-
इंस्टॉलेशन ट्रैकिंग. Chrome ब्राउज़र के Windows डेस्कटॉप वर्शन की हर एक कॉपी में सीमित समय के लिए बीच-बीच से जनरेट किया गया एक इंस्टॉलेशन नंबर होता है, जिसे उस समय Google को भेजा जाता है जब आप Chrome का पहली बार इस्तेमाल करते हैं. कुछ समय के लिए बने इस पहचानकर्ता की मदद से हम इंस्टॉल किए गए ब्राउज़र की संख्या का अंदाज़ा लगा पाते हैं और Chrome के पहली बार अपडेट होते ही इसे मिटा दिया जाएगा. Chrome के मोबाइल वर्शन में Chrome के इंस्टॉलेशन की संख्या ट्रैक करने के लिए डिवाइस पहचानकर्ता के एक प्रकार का लगातार आधार पर इस्तेमाल किया जाता है.
-
strong>प्रचार ट्रैकिंग. प्रचार कैंपेन की कामयाबी को ट्रैक करने में हमारी मदद के लिए, Chrome एक खास टोकन जनरेट करता है जिसे Google को तब भेजा जाता है जब आप पहली बार ब्राउज़र चलाते और इस्तेमाल करते हैं. साथ ही, अगर आपको प्रचार कैंपेन के हिस्से के तौर पर Chrome के डेस्कटॉप वर्शन की कॉपी मिली है या आपने उसे फिर से चालू किया है और Google आपका डिफ़ॉल्ट सर्च इंजन है, तो फिर खोज वाली पट्टी की खोजों में एक सामान्य प्रचार टैग शामिल होगा. Chrome ब्राउज़र के सभी मोबाइल वर्शन में खोज वाली पट्टी की खोजों के साथ एक सामान्य प्रचार टैग भी शामिल होगा. Chrome OS समय-समय पर (शुरुआती सेटअप के दौरान भी) और Google के साथ खोज करते समय Google को एक सामान्य प्रचार टैग भेज सकता है. ज़्यादा जानें.
-
फ़ील्ड ट्रायल. कभी-कभी हम नई सुविधाओं के सीमित टेस्ट करते हैं. Chrome में एक सीड नंबर होता है, जिसे प्रयोग समूहों को ब्राउज़र असाइन करने के लिए पहली बार चलाए जाने पर बीच-बीच में से चुना जाता है. प्रयोगों को देश (जिसका पता आपके आईपी पते से लगाया जाता है), ऑपरेटिंग सिस्टम, Chrome वर्शन और दूसरे पैरामीटर के ज़रिए सीमित भी किया जा सकता है. Chrome के आपके इंस्टॉलेशन पर इस समय चालू फ़ील्ड ट्रायल की एक सूची Google को भेजे गए सभी अनुरोधों में शामिल की जाती है. ज़्यादा जानें.
साइन इन किया गया, सिंक किया गया Chrome मोड
जब Chrome ब्राउज़र या किसी Chromebook में साइन इन करते हैं और अपने Google खाते से सिंक करते हैं, तो आपका व्यक्तिगत ब्राउज़िंग डेटा Google के सर्वर पर सेव किया जाता है और आपके खाते के साथ सिंक किया जाता है. इस व्यक्तिगत जानकारी का इस्तेमाल और इसकी सुरक्षा Google निजता नीति के मुताबिक की जाती है. इस तरह की जानकारी में यह शामिल हो सकता है:
- ब्राउज़िंग इतिहास
- बुकमार्क
- टैब
- पासवर्ड और अपने आप भरने की सुविधा (ऑटो फ़िल) की जानकारी
- दूसरी ब्राउज़िंग सेटिंग, जैसे कि इंस्टॉल किए गए एक्सटेंशन
जब भी आप दूसरे कंप्यूटर और डिवाइस पर Chrome में साइन इन करते हैं और उससे सिंक करते हैं तो ये सेटिंग आपके लिए लोड की जाती हैं. Chrome के डेस्कटॉप वर्शन पर किसी भी Google वेब सेवा (उदा. google.com) में साइन इन या साइन आउट करने से आप Chrome में साइन इन या साइन आउट हो जाते हैं. 'Chrome सिंक' सिर्फ तब चालू किया जाता है जब आप चुनते हैं. आप जिस खास जानकारी को सिंक करते हैं उसे कस्टमाइज़ करने के लिए, "सेटिंग" मेनू का इस्तेमाल करें. ज़्यादा जानें. आप अपने Google खाते पर सेव किए गए Chrome डेटा की मात्रा को देख सकते हैं और उसे Chrome सिंक डैशबोर्ड का डेटा पर प्रबंधित कर सकते हैं. डैशबोर्ड पर, फ़ैमिली लिंक से बनाए गए Google खातों को छोड़कर, आप 'सिंक' को पूरी तरह से बंद भी कर सकते हैं और उससे जुड़े सारे डेटा को Google के सर्वर से हटा सकते हैं. ज़्यादा जानें. फ़ैमिली लिंक में बनाए गए Google खातों वाले बच्चों के लिए, साइन-इन ज़रूरी है और Chrome सिंक को बंद नहीं किया जा सकता क्योंकि वह अभिभावक प्रबंधन सुविधाएं देता है, जैसे वेबसाइट पाबंदी. हालांकि, इन खातों वाले बच्चे तब भी अपना डेटा हटा सकते हैं और ज़्यादातर डेटा प्रकारों का 'सिंक' बंद कर सकते हैं. ज़्यादा जानें. फ़ैमिली लिंक में बनाए गए Google खातों के लिए निजता नोटिस उन खातों में सेव किए गए Chrome सिंक डेटा पर लागू होता है.
Chrome आपकी सिंक की गई जानकारी को कैसे प्रबंधित करता है
जब आप Chrome को अपने Google खाते से सिंक करते हैं, तो हम Chrome में आपको बेहतर अनुभव देने और उसे आपके मनमुताबिक बनाने के लिए आपके ब्राउज़िंग डेटा का इस्तेमाल करते हैं. आप Chrome इतिहास को अपने Google वेब और ऐप्लिकेशन गतिविधि में शामिल किए जाने की मंज़ूरी देकर दूसरे Google उत्पादों पर भी मनमुताबिक अनुभव पा सकते हैं. और जानें.
आप जब भी चाहें इस सेटिंग को अपने खाता इतिहास पेज पर बदल सकते हैं या अपने निजी डेटा को प्रबंधित करेें. अगर आप अपने Chrome से बाहर Google अनुभव को मनमुताबिक करने के लिए अपने Chrome डेटा का इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो Google आपके Chrome डेटा का इस्तेमाल सिर्फ़ तब करेगा जब दूसरे इस्तेमाल करने वालों के डेटा के साथ उसकी पहचान छिपाई जाती है और उसे इकट्ठा किया जाता है. Google इस डेटा का इस्तेमाल नई सुविधाओं, उत्पादों, और सेवाओं को विकसित करने के लिए, और मौजूदा उत्पादों और सेवाओं की कुल क्वालिटी को सुधारने के लिए करता है. अगर आप अपने Chrome डेटा को सेव करने और सिंक करने के लिए Google के क्लाउड का इस्तेमाल करना चाहते हैं लेकिन आप नहीं चाहते कि Google डेटा को एक्सेस करे, तो आप अपने पूरे सिंक किए गए डेटा को अपने ख़ुद के सिंक लंबा पासवर्ड के साथ एन्क्रिप्ट कर सकते हैं. ज़्यादा जानें.
गुप्त मोड और मेहमान मोड
गुप्त मोड या मेहमान मोड का इस्तेमाल करके आप उस जानकारी को सीमित कर सकते हैं जिसे Chrome आपके सिस्टम पर सेव करता है. इन मोड में, Chrome कुछ खास जानकारी को सेव नहीं करता, जैसे:
- आप जिन वेबसाइट पर जाते हैं उनसे लिंक किए गए पेजों के यूआरएल, कैश किए गए पेज के टेक्स्ट या आईपी पतों जैसी बुनियादी ब्राउज़िंग जानकारी
- आपके विज़िट किए जाने वाले पेजों के स्नैपशॉट
- आपके डाउनलोड के रिकॉर्ड, वैसे आपकी डाउनलोड की जाने वाली फ़ाइलें अभी भी आपके कंप्यूटर या डिवाइस पर कहीं और सेव की जाएंगी
Chrome आपकी गुप्त या मेहमान जानकारी किस तरह प्रबंधित करता है
कुकी. आप गुप्त या मेहमान मोड में जिन साइटों पर जाते हैं, Chrome उनके साथ मौजूदा कुकी शेयर नहीं करेगा. इन मोड में होने पर, साइटें आपके सिस्टम पर नई कुकी जमा कर सकती हैं, लेकिन उन्हें तभी तक सेव और ट्रांसमिट किया जाएगा, जब तक कि आप गुप्त या मेहमान विंडो को बंद नहीं कर देते.
ब्राउज़र कॉन्फ़िगरेशन में बदलाव. जब आप ब्राउज़र कॉन्फ़िगरेशन में वेब पेज को बुकमार्क करने या अपनी सेटिंग बदलने जैसे बदलाव करते हैं, तब यह जानकारी सेव कर ली जाती है. गुप्त या मेहमान मोड की वजह से इन बदलावों पर कोई असर नहीं पड़ता.
अनुमतियां. गुप्त मोड में आपकी दी गई अनुमतियां आपकी मौजूदा प्रोफ़ाइल में सेव नहीं की जाती हैं.
प्रोफ़ाइल जानकारी. गुप्त मोड में, आपके पास अभी भी अपनी मौजूदा प्रोफ़ाइल की जानकारी का एक्सेस होगा, जैसे जब आप ब्राउज़िंग कर रहे हों, तब आपके ब्राउज़िंग इतिहास और सेव किए गए पासवर्ड पर आधारित सुझाव. मेहमान मोड में, आप किसी भी मौजूदा प्रोफ़ाइल की जानकारी को देखे बिना ब्राउज़ कर सकते हैं.
Chrome में उपयोगकर्ताओं को प्रबंधित करना
व्यक्तिगत Chrome उपयोग के लिए उपयोगकर्ताओं को प्रबंधित करना
आप एक ही डिवाइस या कंप्यूटर शेयर कर रहे उपयोगकर्ताओं के लिए Chrome के मनमुताबिक बनाए गए वर्शन सेट कर सकते हैं. ध्यान रखें कि आपके डिवाइस पर एक्सेस रखने वाला कोई भी व्यक्ति सभी प्रोफ़ाइल की सारी जानकारी देख सकता है. अपने डेटा को दूसरे व्यक्तियों के देखे जाने से सचमुच सुरक्षित रखने के लिए, अपने ऑपरेटिंग सिस्टम में पहले से मौजूद उपयोगकर्ता खातों का इस्तेमाल करें. ज़्यादा जानें.
Enterprise के लिए Chrome पर उपयोगकर्ताओं को प्रबंधित करना
कुछ Chrome ब्राउज़र या Chromebook को किसी स्कूल या कंपनी की ओर से प्रबंधित किया जाता है. ऐसे मामले में, एडमिन उस ब्राउज़र या Chromebook पर नीतियां लागू कर सकता है. जब कोई उपयोगकर्ता पहली बार ब्राउज़ करना ('मेहमान मोड' के अलावा) शुरू करता है, तो Chrome इन नीतियों की जांच करने के लिए Google से संपर्क करता है. Chrome समय-समय पर नीतियों में अपडेट की जांच करता रहता है.
एडमिन, Chrome के लिए स्थिति और गतिविधि रिपोर्टिंग के लिए नीति तय कर सकता है, जिसमें Chrome OS डिवाइस के लिए स्थान जानकारी शामिल है. आपके एडमिन आपके प्रबंधित डिवाइस से एक्सेस किया गया डेटा एक्सेस कर सकते हैं, उसकी निगरानी कर सकते हैं, इस्तेमाल कर सकते हैं या उसे उजागर भी कर सकते हैं.
सुरक्षित ब्राउज़िंग के तरीके
Google Chrome और कुछ तीसरे पक्ष के ब्राउज़र, जैसे Mozilla Firefox और Apple के Safari के कुछ वर्शन में Google की सुरक्षित ब्राउज़िंग सुुविधा शामिल है. सुरक्षित ब्राउज़िंग में, संदिग्ध वेबसाइटों की जानकारी आपके इस्तेमाल किए जा रहे ब्राउज़र और Google के सर्वरों के बीच भेजी जाती है और ली जाती है.
सुरक्षित ब्राउज़िंग कैसे काम करती है
सबसे हाल ही की "सुरक्षित ब्राउज़िंग" सूची डाउनलोड करने के लिए आपका ब्राउज़र Google के सर्वर से संपर्क करता है, जिसमें फ़िशिंग और मैलवेयर साइट की जानकारी होती है. सूची की सबसे ताज़ा कॉपी आपके सिस्टम पर स्थानीय रूप से सेव की जाती है. Google इस संपर्क के हिस्से के रूप में कोई भी खाता जानकारी या दूसरी व्यक्तिगत पहचान करने वाली जानकारी को इकट्ठा नहीं करता. हालांकि, वह मानक लॉग जानकारी हासिल करता है, जिसमें आईपी पता और कुकी शामिल हैं.
आप जिस भी साइट पर जाते हैं उसे आपके सिस्टम पर सुरक्षित ब्राउज़िंग सूची के बरक्स जाँचा जाता है. अगर कोई मिलान मिलता है, तो आपका ब्राउज़र Google को साइट के यूआरएल की एक हैश की गई, आंशिक कॉपी भेजता है ताकि Google आपके ब्राउज़र को ज़्यादा जानकारी भेज सके. Google इस जानकारी से असली यूआरएल तय नहीं कर सकता. ज़्यादा जानें.
नीचे दी गई सुरक्षित ब्राउज़िंग सुविधाएं खास तौर से Chrome के लिए हैं:
-
Chrome के कुछ वर्शन में सुरक्षित ब्राउज़िंग तकनीक शामिल है जो संभावित रूप से नुकसान पहुंचाने वाली साइटें और संभावित रूप से खतरनाक फ़ाइल प्रकारों की पहचान करती है जिनके बारे में Google को पहले से पता नहीं होता. साइट का पूरा URL या खतरनाक हो सकने वाली फ़ाइल को Google को यह तय करने के लिए भेजा जा सकता है कि साइट या फ़ाइल नुकसान पहुंचाने वाली है या नहीं.
-
Chrome समय-समय पर आपके कंप्यूटर को स्कैन करने के लिए सुरक्षित ब्राउज़िंग तकनीक का इस्तेमाल करता है, ताकि उस अनचाहे सॉफ़्टवेयर का पता लगाया जा सके जो आपको अपनी सेटिंग बदलने से रोकता है या किसी दूसरे तरीके से आपके ब्राउज़र की सुरक्षा और स्थिरता से छेड़खानी करता है. ज़्यादा जानें. अगर ऐसे सॉफ़्टवेयर का पता चलता है, तो Chrome उसे हटाने के लिए आपको Chrome से हानिकारक सॉफ़्टवेयर हटाने का टूल डाउनलोड करने का विकल्प दे सकता है.
-
जब आप किसी ऐसी साइट को एक्सेस करते हैं जिसमें लगता है कि मैलवेयर है या जब Chrome को आपके कंप्यूटर पर किसी अनचाहे सॉफ़्टवेयर का पता चले, तब सुरक्षित ब्राउज़िंग को बेहतर बनाने में मदद करने के लिए आप अतिरिक्त डेटा भेज सकते हैं. ज़्यादा जानें.
-
अगर आप Chrome के पासवर्ड प्रबंधक का इस्तेमाल करते हैं, तो किसी असामान्य पेज पर अपना सेव किया गया कोई भी पासवर्ड डालने पर सुरक्षित ब्राउज़िंग Google से उसकी जांच करके फ़िशिंग हमलों से आपकी सुरक्षा करती है. इसके अलावा, सुरक्षित ब्राउज़िंग आपके Google खाते के पासवर्ड को सुरक्षित रखती है. अगर आप उसे किसी संभावित फ़िशिंग साइट पर डालते हैं, तो Chrome आपको अपने Google खाते का पासवर्ड बदलने का संकेत देगा. अगर आप अपना ब्राउज़िंग इतिहास सिंक करते हैं, तो Chrome आपके Google खाते को इस तरह फ़्लैग भी करेगा कि शायद उसके साथ फ़िशिंग हुई है.
-
अगर आप सुरक्षित ब्राउज़िंग करने वाले उपयोगकर्ता हैं और आप अपने Chrome ब्राउज़िंग इतिहास को अपने Google खाते से सिंक कर रहे हैं, तो फिर वेब सुविधा अनुमतियों की सुरक्षा और उपयोगिता को बेहतर बनाने के लिए, Chrome अनाम रूप से उन डोमेन की रिपोर्ट कर सकता है जिन पर आप अनुमतियां देते, नामंज़ूर करते और निरस्त करते हैं या अनुमति संकेतों को अनदेखा या खारिज करते हैं.
-
आप हमेशा Chrome में सुरक्षित ब्राउज़िंग सुविधा को बंद करना चुन सकते हैं.
ऐप्लिकेशन, एक्सटेंशन, थीम, सेवाओं और दूसरे ऐड-ऑन की निजता लागू करने की प्रक्रियाएं
आप Chrome के साथ ऐप्लिकेशन, एक्सटेंशन, थीम, सेवाएं और दूसरे ऐड-ऑन इस्तेमाल कर सकते हैं, जिनमें Chrome के साथ पहले से इंस्टॉल किए गए या इंटीग्रेट किए गए भी शामिल हो सकते हैं. जो ऐड-ऑन Google ने बनाए और मुहैया कराए हैं, वे Google सर्वर से संचार कर सकते हैं और Google निजता नीति पर निर्भर होते हैं जब तक कि अलग से बताया न गया हो. दूसरों के बनाए और मुहैया कराए गए ऐड-ऑन की जिम्मेदारी ऐड-ऑन बनाने वालों की है और उनकी निजता नीतियां अलग हो सकती हैं.
ऐड-ऑन प्रबंधित करना
किसी ऐड-ऑन को इंस्टॉल करने से पहले, आपको अनुरोध की गई अनुमतियों की समीक्षा करनी चाहिए. ऐड-ऑन को कई तरह की चीज़ें करने की अनुमति हो सकती है, जैसे:
- स्थानीय रूप से या आपके Google डिस्क खाते में सेव किए गए डेटा को सेव करना, एक्सेस करना और उसे शेयर करना
- आप जिन वेबसाइटों पर जाते हैं उनकी सामग्री देखें और एक्सेस करें
- Google सर्वर के जरिये भेजे जाने वाली सूचना का इस्तेमाल करें
Chrome कुछ अलग-अलग तरीकों से ऐड-ऑन से इंटरैक्शन कर सकता है:
- अपडेट का पता लगाया जा रहा है
- अपडेट डाउनलोड करना और इंस्टॉल करना
- Google को ऐड-ऑन के बारे में इस्तेमाल के दिखाई देने वाले संकेत भेजना
कुछ ऐड-ऑन को डिजिटल अधिकार प्रबंधन या पुश मैसेज डिलीवर के लिए एक खास पहचानकर्ता एक्सेस की ज़रूरत हो सकती है. आप Chrome से ऐड-ऑन हटाकर पहचानकर्ताओं का इस्तेमाल बंद कर सकते हैं.
समय-समय पर, Google को ऐसा कोई ऐड-ऑन मिल सकता है जो सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता हो, Chrome वेब स्टोर के लिए डेवलपर की शर्तों का उल्लंघन करता हो, या दूसरे कानूनी समझौतों, कानूनों, विनियमों, या नीतियों का उल्लंघन करता हो. Chrome समय-समय पर इन खतरनाक ऐड-ऑन की सूची डाउनलोड करता है, ताकि उन्हें दूर से ही बंद किया जा सके या आपके सिस्टम से हटाया जा सके.
सर्वर लॉग निजता जानकारी
जब आप हमारी साइटों पर आते हैं, तो ज़्यादातर वेबसाइटों की तरह हमारे सर्वर भी किए गए पेज अनुरोधों को अपने आप रिकॉर्ड करते हैं. इन "सर्वर लॉग" में आमतौर पर आपका वेब अनुरोध, इंटरनेट प्रोटोकॉल पता, ब्राउज़र प्रकार, ब्राउज़र की भाषा, आपके अनुरोध की तारीख और समय के साथ ही आपके ब्राउज़र की अलग तरीके से पहचान कर सकने वाली एक या ज़्यादा कुकी शामिल होती हैं.
यहां ऐसी आम लॉग एंट्री का उदाहरण दिया गया है जहां "कार" की खोज ऐसी दिखाई देती है, जिसके बाद उसके हिस्सों का विश्लेषण होता है:
123.45.67.89 - 25/Mar/2003 10:15:32 - https://www.google.com/search?q=cars - Firefox 1.0.7; Windows NT 5.1 - 740674ce2123e969
123.45.67.89उपयोगकर्ता को इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनी (ISP) की तरफ़ से उपयोगकर्ता को असाइन किया गया इंटरनेट प्रोटोकॉल पता है. D; उपयोगकर्ता की सेवा पर निर्भर करते हुए, उपयोगकर्ता जब भी इंटरनेट से कनेक्ट करेंगे, तब उसे सेवा देने वाली कंपनी एक अलग पता असाइन कर सकती है.;25/Mar/2003 10:15:32क्वेरी की तारीख और उसका समय है.;https://www.google.com/search?q=carsअनुरोध किया गया यूआरएल है, जिसमें खोज क्वेरी शामिल है.;Firefox 1.0.7; Windows NT 5.1इस्तेमाल किया जा रहा ब्राउज़र और ऑपरेटिंग सिस्टम है.;740674ce2123a969इस खास कंप्यूटर को असाइन की गई वह खास कुकी आईडी है, जो पहली बार किसी Google साइट पर जाने पर इसे असाइन किया गया था. (उपयोगकर्ता कुकी मिटा सकते हैं. अगर उपयोगकर्ता ने पिछली बार Google पर अपनी विज़िट के बाद से कंप्यूटर से कुकी मिटा दी है, तो वह अगली बार उसी कंप्यूटर से Google पर विज़िट करने पर उसे असाइन किया गया खास कुकी आईडी होगा).
ज़्यादा जानकारी
जब आप Chrome का इस्तेमाल करते हैं तब Google जो जानकारी हासिल करता है उसका इस्तेमाल और सुरक्षा Google निजता नीति के तहत किया जाता है. दूसरे वेबसाइट ऑपरेटर और ऐड-ऑन डेवलपर कुकी सहित जो जानकारी हासिल करते हैं, वह उन वेबसाइटों की निजता नीतियों पर निर्भर होती है.
Google खुद पर नियम लागू करने वाले कई फ़्रेेमवर्क का पालन करता है, जिसमें ईयू-यूएस प्रिवसी (निजता) शील्ड फ़्रेमवर्क शामिल है. ज़्यादा जानें.
प्रमुख शब्द
कुकी एक छोटी फ़ाइल होती है जिसमें वर्णों की एक शृंखला होती है जो आपके किसी वेबसाइट पर जाने पर आपके कंप्यूटर को भेजी जाती है. जब आप साइट पर फिर से जाते हैं, तो वह साइट कुकी से आपके ब्राउज़र की पहचान कर लेती है. कुकी इस्तेमाल करने वाले की प्राथमिकताओं और दूसरी जानकारी सेव कर सकती है. आप अपने ब्राउज़र को सभी कुकी नामंज़ूर करने के लिए या जब कोई कुकी भेजी जाती है तो उसका संकेत देने के लिए कॉन्फ़िगर कर सकते हैं. हालांकि, हो सकता है कि कुछ वेबसाइट सुविधाएं या सेवाएं कुकी के बिना ठीक तरीके से काम न करें. Google के कुकी का इस्तेमाल करने के तरीके और कुकी सहित, Google के डेटा इस्तेमाल करने के तरीके के बारे में ज़्यादा जानें, जब आप हमारे साझेदार की साइट या ऐप्लिकेशन का इस्तेमाल करते हैं.
Google खाता
आप एक Google खाते के लिए साइन अप करके और हमें कुछ व्यक्तिगत जानकारी (आम तौर पर आपका नाम, ईमेल पता और पासवर्ड) देकर हमारी कुछ सेवाओं को एक्सेस कर सकते हैं. जब आप Google सेवाओं को एक्सेस करते हैं, तो इस खाता जानकारी का इस्तेमाल आपको प्रमाणित करने और आपके खाते को दूसरों के अनधिकृत एक्सेस से सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है. आप किसी भी समय Google खाता सेटिंग के जरिए अपने खाते में बदलाव कर सकते हैं या उसे मिटा सकते हैं.